मोहरा एनीकट बना ‘डेथ प्वाइंट’, सुरक्षा इंतजामों के अभाव में फिर डूबे दो नाबालिग,,


सूरजपुर, 9 फरवरी 2026
सूरजपुर ज़िले के ग्राम पंचायत रामनगर स्थित डैम एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ, जहां नहाने गए सात बच्चों में से दो मासूम गहरे पानी में डूब गए। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा इंतज़ामों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे कुछ बच्चे डैम में नहाने गए थे। इसी दौरान दो बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर विश्रामपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने शाम करीब 5:30 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा और ठंड का हवाला देकर रात में अभियान स्थगित कर दिया गया।
अगले दिन सुबह करीब 5 बजे परिजनों और ग्रामीणों की मदद से पहला शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 11 वर्षीय आदिल के रूप में हुई, जो मनेंद्रगढ़ से छुट्टियों में अपने रिश्तेदारों के यहां आया था। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम आधुनिक संसाधनों के साथ घंटों तलाश करती रही, लेकिन दूसरे बच्चे का पता नहीं चल सका।


इसी बीच ग्रामीणों ने पास के गांव से अनुभवी तैराक राजेश रजवाड़े को बुलाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने बिना विशेष उपकरणों के डैम में उतरकर कुछ ही मिनटों में दूसरे बच्चे का शव बाहर निकाल लिया। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू प्रबंधन की प्रभावशीलता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर भेजा गया, जहां प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। जानकारी के अनुसार अयान स्थानीय निवासी था, जबकि आदिल मनेंद्रगढ़ से आया हुआ था। दोनों गांवों में शोक का माहौल है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर डैम पहले भी हादसों के लिए कुख्यात रहा है, बावजूद इसके यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम, चेतावनी बोर्ड या प्रतिबंधात्मक व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने डैम क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपाय और निगरानी की मांग उठाई है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो इन मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता था। प्रशासन से अब ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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