ज़िंदगी भर जान बचाने वाले के लिए भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक भी वकील नहीं है और ज़िन्दगी भर जान लेने वाले के लिए इंडिया गेट पर ज़िंदाबाद चल रहा है । अभी 1 जनवरी 2026 के दिन या रात मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि मत दीजिएगा अगर सुप्रीम कोर्ट में कल 26 नवंबर की सुबह तक, भाई के लिए एक वकील तैयार नहीं कर सके तो ! मुकेश के हत्यारे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं, टेंडर प्रकरण में रिट पिटिशन लेकर, कल 26 नवंबर के दिन सुनवाई है अगर टेंडर प्रकरण में इन हत्यारों को जमानत मिल जाती है तो टुकड़े टुकड़े हत्या करके शव को सेप्टिक में फेंकने के केस में भी इन्हें जमानत मिलने की आशंका बढ़ जाएगी !

आज की इस वीडियो की शुरुआत सबसे पहले पत्रकारिता, पत्रकारों, पत्रकार संगठनों की पूजा से शुरू की जाएगी, कौन सी सरकार कैसी सरकार ? कौन इंसान कैसे इंसान ? क्या है न्याय कैसा न्याय ? कौन से समाज कैसे समाज ? कौन से धर्म कैसे धर्म ? कौन पढ़े लिखे कैसे अनपढ़ ?
आज की इस वीडियो को मत देखिएगा, हम सभी की औकात बताने जा रहा हूं 🙂❤️ बहुत प्रेम से ।
मुकेश चंद्राकर तुम बेवकूफ थे, अब देख लो सबूत है ये देश और इस देश की व्यवस्था ! आज ढंग से दिखाता हूं तुमको !
इन हत्यारों की रिट पिटिशन पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय से इन दरिंदों को राहत मिलने की देरी है, आप जितने भी उपेक्षित, ग़रीब और संघर्षशील, बेरोजगार, पीड़ित, दुःखी लोग हैं आप सबको मेरे अगले क़दम की शुरुआत किसी भी क्रांतिकारी से कहीं ज़्यादा पसंद आएगी और इस सफ़र में आप सभी के लिए अकेले लड़ बैठूंगा इस पूरे देश के सिस्टम से, वादा है आप सभी से 🙏🏽
जान लेने वाले की जय जयकार, बचाने वाले की करारी हार !
सप्रेम, सविनय, सादर निवेदन : आज आने वाली मेरी वीडियो मत देखिएगा, आप सभी के ख़िलाफ़, इस देश के ख़िलाफ़, पूरी मानवजाति के ख़िलाफ़ बहुत बड़े सच बोलने जा रहा हूं !
