अंबिकापुर/सरगुजा, 18 जुलाई 2025
राज्य सरकार की मिड-डे मील (पोषण आहार योजना) के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अंबिकापुर के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को लगातार रोज़ “आलू मखना” परोसे जाने का मामला सामने आया है, जिससे अभिभावकों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।
स्थानीय निवासियों और बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बीते 15 दिनों से लगातार एक ही तरह का खाना — आलू मखना दिया जा रहा है। न तो सब्ज़ियों में कोई बदलाव हो रहा है, न ही दाल-चावल या फल जैसी कोई पौष्टिक सामग्री शामिल की जा रही है।

“सरकार कहती है बच्चों को पौष्टिक खाना मिलेगा, लेकिन यहां तो सिर्फ आलू ही खिला रहे हैं। बच्चे अब स्कूल का खाना खाना ही नहीं चाहते।”
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि एक ही तरह का भोजन लंबे समय तक दिए जाने से बच्चों में कुपोषण की आशंका बढ़ सकती है।
स्कूल प्रबंधन का जवाब
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि किचन में राशन सप्लाई समय पर नहीं आ रहा, जिसके कारण विकल्प सीमित हैं। “हम ऊपर रिपोर्ट भेज चुके हैं,” प्रधानाध्यापक ने बताया।
शिकायतें सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोषियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
