22 अक्टूबर 2023 को उन्होंने बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में मीडिया से कहा:
“यदि भाजपा मुझे अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मौका देती है, तो मैं भाजपा में शामिल होने पर विचार करूंगा।”
प्रमुख बिंदु :- कांग्रेस ने चिंतामणि महाराज का टिकट काटा, इस बार सामरी सीट से उन्हें विजय पैकरा को उम्मीदवार बनाया गया।
महाराज ने भाजपा से शर्त रखी: उन्हें केवल वही सीट स्वीकार्य है जहाँ वे चुनाव लड़ना चाहते हैं—अंबिकापुर। अन्यथा भाजपा में शामिल होने पर विचार नहीं।
भाजपा छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर तथा संगठन मंत्री पवन साय के साथ इस फ़ैसले का मंचन हुआ। भाजपा इसे महाराज की “घर वापसी” भी बता रही है।

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा उन्हें टिकट देने को तैयार है, लेकिन वह विधानसभा चुनाव अंबिकापुर से लड़ना चाहते हैं।
वर्ष पार्टी एवं चुनाव विवरण
• 2004–2008 भाजपा में रह चुके, राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे
• 2013 कांग्रेस में शामिल, लुंड्रा से विधायक बने
• 2018 सामरी से फिर कांग्रेस टिकट पर जीते, BJP प्रत्याशी को 21,923 मतों से हराया
• 2023 कांग्रेस से टिकट न मिलने पर भाजपा से संपर्क बनाए रखे; अंततः BJP में शामिल हुए
चिंतामणि महाराज ने टिकट न मिलने पर स्पष्ट संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक दिशा कांग्रेस से भाजपा की ओर झुक सकती है। लेकिन केवल उस स्थिति में जब भाजपा उन्हें अंबिकापुर से मीदान में उतारे। यह बयान कांग्रेस को युवा नेताओं की टिकट नीति और पार्टी असंतोष से जुड़ी चुनौतियों की याद दिलाता है।
